मकर संक्रांति पर नर्मदा तटों पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, दिखी अद्भुत आस्था

Thu 15-Jan-2026,08:39 PM IST +05:30

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मकर संक्रांति पर नर्मदा तटों पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, दिखी अद्भुत आस्था मकर संक्रांति पर नर्मदा तटों पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
  • मकर संक्रांति पर नर्मदा तटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर स्नान, दान और पूजन-अर्चन किया।

  • भेड़ाघाट और तिलवारा में महारुद्राभिषेक, सूर्य सहस्रार्चन और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का भव्य आयोजन हुआ।

  • भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और आपदा प्रबंधन की व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।

Madhya Pradesh / Jabalpur :

जबलपुर/ मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जबलपुर सहित मां नर्मदा के समस्त तट श्रद्धा, भक्ति और सनातन आस्था के साक्षी बने। सूर्य के उत्तरायण प्रवेश के साथ ही नर्मदा स्नान का पुण्य प्राप्त करने के लिए लाखों श्रद्धालु तटों पर उमड़ पड़े। ठंड और कुहासे के बावजूद आस्था का यह जनसैलाब पूरे दिन घाटों पर बना रहा, जिससे क्षेत्र में आध्यात्मिक मेले जैसा वातावरण दिखाई दिया।

जबलपुर में मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष विशेष धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। वैदिक गणना और पारंपरिक पंचांग का अनुसरण करने वाले श्रद्धालुओं द्वारा गुरुवार को भी पर्व मनाए जाने के कारण नर्मदा घाटों पर लगातार दूसरे दिन भारी भीड़ देखने को मिली। भेड़ाघाट, तिलवारा, गौरीघाट, रामनगरा और अन्य प्रमुख तटों पर सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य का धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इसी मान्यता के चलते श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में स्नान कर दान-पुण्य, जप-तप और पूजा-अर्चना की। कई परिवारों ने तिल, गुड़, वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य अर्जित किया।

धार्मिक अनुष्ठानों की बात करें तो भेड़ाघाट स्थित श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर और शंकराचार्य आश्रम, रामनगरा तिलवारा में विशेष आयोजन किए गए। यहां ब्रह्मचारी चैतन्यानंद जी महाराज के सानिध्य में भगवान महामृत्युंजय नर्मदेश्वर महादेव का भव्य महारुद्राभिषेक संपन्न हुआ। इसके साथ ही भगवान सूर्यनारायण का 51,000 गुलाब के पुष्पों से सहस्रार्चन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। घाटों और संपर्क मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई। नगर निगम, जनपद पंचायत और नगर पालिकाओं के सहयोग से गोताखोर, होमगार्ड और आपदा प्रबंधन दल मुस्तैद रहे। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग और डायवर्जन व्यवस्था लागू की गई, वहीं वरिष्ठ अधिकारियों ने लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी।

पर्व के दौरान सेवा और भंडारे का भी व्यापक आयोजन हुआ। भेड़ाघाट स्थित इस्कॉन (हरे कृष्ण) आश्रम में लगातार दूसरे दिन विशाल भंडारा आयोजित किया गया, जहां लगभग 51 क्विंटल खिचड़ी श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित की गई। आयोजकों के अनुसार, इसमें स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ दूर-दराज से आए तीर्थयात्रियों ने भी सहभागिता की। समूचा पर्व शांतिपूर्ण, अनुशासित और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। नर्मदा तट दिनभर भक्ति, सेवा और उत्सव की भावना से सराबोर नजर आए।